Author - भक्त

पत्रकार महेश राजपूत का व्यंग्य संग्रह ‘कभी फकीर कभी चौकीदार’ आनलाइन उपलब्ध

लेखक-पत्रकार महेश राजपूत का व्यंग्य संग्रह ‘कभी फकीर कभी चौकीदार!’ ई-प्रकाशन वेबसाईट नॉट नल ने ई-पुस्तक के रूप में जारी किया है। लेखक महेश ने बताया कि ८०...

सवर्ण आरक्षण तो ठीक लेकिन रोजगार है कहाँ सरकार?

कृष्णमोहन झा गरीब सवर्णों को शिक्षा एवं नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला संविधान संशोधन विधेयक मोदी सरकार ने संसद में पेश किया तो उसके पारित होने में...

आर्टिकल 19-A में अब संशोधन कर लिख देना चाहिए कि….

अल्पसंख्यक इस अधिकार की श्रेणी में नहीं आते हैं… हाल ही में फ़िल्म जगत के कलाकार नसीरुद्दीन शाह ने ‘कारवां-ए-मोहब्बत’ नाम के एक प्रोग्राम में देश के माहौल को...

”देशहित” नहीं होता गेस्ट हाउस नहीं होता, और फिर दोस्ती नहीं होती

मेरा मानना है कि बहुतेरे लोग देशहित का काम नहीं करते हैं. हमारे पिताजी ने कभी देशहित का काम नहीं किया, शायद मैं भी अभी तक देशहित में कोई काम नहीं कर पाया हूं. मुझे लगता...

अखिलेश नहीं चेते तो समाजवादी पार्टी इतिहास भी बन सकती है!

Ajai Kumar राम गोपाल यादव का शिवपाल की पिटाई किए जाने का बयान पुराने समाजवादियों को हजम नहीं हो रहा… अखिलेश छाया में कमजोर होता मुलायम का समाजवाद… अजय कुमार, लखनऊ उत्तर...

कृषि नीति और किसानों की दुर्दशा : किसान बस चुनावी वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है!

हिंदुस्तान में कृषि और किसान की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है. देश को आजाद हुए 70 बरस से अधिक हो गए हैं, लेकिन किसानों की बदहाली खत्म नहीं हुई है. भारत की बड़ी...

भाजपा का मिशन 2019 : चेहरे से वो पुरानी चमक और जोश गायब है!

Ajit Kumar : भाजपा के मिशन 2014 और मिशन 2019 के बीच एक ही समानता है कि दोनों की शुरूआत दिल्ली के एतिहासिक रामलीला से ही हुई। पर अंतर, यही है कि पिछली दफा मोदीजी को पूर्ण...

राजबब्बर जैसे आमजन से कटे आदमी प्रदेश अध्यक्ष बने रहें तो यूपी में कांग्रेस का अल्लाह ही मालिक है!

Ramendra Jenwar : काँग्रेस की हड़बड़ाहट अब यूपी में दिखाई दे रही है. आज प्रदेश भर के लोगों की मीटिंग बुलाई गयी है. होगा क्या? नेता दिन भर मंच से भाषण झाड़ेंगे...

‘उरी’ भारतीय स्वाभिमान से भर देनेवाली फिल्म

फिल्मों की मनोरंजनात्मक दुनिया में मूवी आती हैं और चली जाती हैं, किेंतु कुछ फिल्म और किरदार ऐसे होते हैं जो सदैव जीवन्त बने रहते हैं, ठीक उसी तरह से जैसे हमारे अंतरमन...

क्या दलित-पिछड़ों के मिलन के बाद मुसलमान खुद को दोराहे पर पा रहे हैं?

Naved Shikoh दलित-पिछड़ों के मिलन में मुसलमान दोराहे पर… दलितों और पिछड़ों की राजनीति में माहिर दल सपा-बसपा दशकों पुरानी तल्खियां भुला कर एक हो गये। दलितों-पिछड़ों को एक...

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