संघ परिवार में कई लोग अपने वैवाहिक संबंध किसी बीमारी की तरह गुप्त रखते हैं!

Nitin Thakur : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में तीसरे नंबर की हैसियत रखनेवाले श्री कण्णन को महिला से संबंध होने की वजह से साल 2014 में संघ ने निकाल दिया गया था। निक्कर को पैंट में तब्दील करनेवाले संगठन को इस दिशा में कुछ सुधार करना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि इसमें संघ के पूर्व सह सरकार्यवाह की कोई गलती है। अगर आप किसी से आजीवन ब्रह्मचर्य के पालन की उम्मीद रखते हैं तो आप स्वस्थ नहीं हैं और अगर कुछ मामलों में संन्यासी के अलावा कोई शख्स आजीवन ब्रह्मचारी होने का दावा करता है तो उसकी स्वास्थ्य जांच आवश्यक है।

मैंने संघ परिवार में कई ऐसे लोगों को पाया है जो अपने वैवाहिक संबंधों को किसी बीमारी की तरह आम लोगों से गुप्त रखते हैं, फिर चाहे संगठन को इसकी जानकारी क्यों ना हो। वैसे संघ में प्रचारक से आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। अगर वो शादी करना चाहे तो प्रचारक दायित्व से हटकर ऐसा कर सकता है। उसे इसके बाद आम तौर पर संघ परिवार के दूसरे संगठन के कामों में लगा दिया जाता है।

लगे हाथ बता दूं कि कहा जाता है कि कण्णन जी अब मसाले बेचते हैं। शादी भी कर चुके हैं। ये भी ख़बर सालों पहले आम हुई थी कि बीजेपी के थिंक टैंक रहे गोविंदाचार्य को ऐसी ही कीमत उमा भारती से अफेयर करने को बदले चुकानी पड़ी थी। इस पर काफी विस्तार से एम के धर ने अपनी किताब ओपन सीक्रेट्स में लिखा है।

सोशल मीडिया के चर्चित नाम और विश्लेषक नितिन ठाकुर की एफबी वॉल से.

भक्त

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